सैड शायरी इन हिंदी
याद रखना, छूटे हुए हमसफर की यादें मेरी खामोश रातों में,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [सैड शायरी इन हिंदी 712]
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [सैड शायरी इन हिंदी 712]