सैड शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, तन्हाई की काली रातों का सन्नाटा मेरी खामोश रातों में,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी।