सैड शायरी इन हिंदी
खुदा गवाह है, टूटे हुए दिल का ये दर्द मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।