सैड शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, ख्वाबों के उजड़ने का मातम मेरे दिल के वीराने में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।