सैड शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे खामोश आशियाने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [सैड शायरी इन हिंदी 731]
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [सैड शायरी इन हिंदी 731]