सैड शायरी इन हिंदी
यूं तो, तन्हाइयों का ये खौफनाक साया मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [सैड शायरी इन हिंदी 798]
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [सैड शायरी इन हिंदी 798]