दर्द भरी और तन्हाई शायरी
ज़िंदगी के सफर में, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे दिल के वीराने में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।