दर्द भरी और तन्हाई शायरी
याद रखना, ख्वाबों के उजड़ने का मातम मेरी वीरान ज़िंदगी में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।