दर्द भरी और तन्हाई शायरी
ऐ दोस्त, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे दिल के वीराने में,
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
कांच की तरह बिखर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।