दर्द भरी और तन्हाई शायरी
हकीकत यही है, जुदाई का ये कड़वा ज़हर मेरी भीगी आँखों में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।