रोमांटिक शायरी इन हिंदी
इश्क़ में, तेरी बाहों का ये आशियाना मेरी हर सुबह ओ शाम में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।