रोमांटिक शायरी
ऐ दोस्त, तेरी मासूम आँखों का नूर मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।