रोमांटिक शायरी
मेरे हमदम, तेरी मासूम आँखों का नूर मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।