रोमांटिक शायरी
याद रखना, तेरी हर अदा का जलवा मेरी रूह की गहराइयों में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।