रोमांटिक शायरी
ज़माने से कह दो, तेरी नज़रों का ये तीर मेरी हर सांस में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।