रोमांटिक शायरी
कसम से, तेरी हर बात का मिठास मेरी हर मुराद में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।