लव शायरी इन हिंदी
ऐ सनम, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरी खामोश इबादतों में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।