इश्क़ और मोहब्बत शायरी
हकीकत यही है, तेरे इश्क की ये बारिश मेरी खुशियों के आशियाने में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।