इश्क़ और मोहब्बत शायरी
यकीन मानो, तेरी खामोशी का पैगाम मेरी आँखों की पुतलियों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।