इश्क़ और मोहब्बत शायरी
दिल कहता है, तेरी सांसों की महक मेरे रोम-रोम के अहसास में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता।