इश्क़ और मोहब्बत शायरी
ज़माने से कह दो, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरी खामोश इबादतों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।
हर पल नया रंग भर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।