इश्क़ और मोहब्बत शायरी
हर घड़ी, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरी तकदीर के पन्नों पर,
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।