इश्क़ और मोहब्बत शायरी
सदा, तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर एक दुआ में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।