इश्क़ और मोहब्बत शायरी
खुदा गवाह है, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरी खामोश इबादतों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।