शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
बस इतना समझ लो, तेरी यादों का ये कारवां मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।