शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
हर घड़ी, तेरे प्यार का असर मेरी हर सांस में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।