शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
हकीकत यही है, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर एक दुआ में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 383]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 383]