शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
ऐ दोस्त, तेरे साथ बिताया हर पल मेरे ख्यालों की दुनिया में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 672]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 672]