शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
हकीकत यही है, तेरी चाहत का नशा मेरे सपनों के आंगन में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
खुदा की रहमत बन गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।