शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खुदा गवाह है, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर एक दुआ में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 223]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 223]