शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 664]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 664]