शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
बस इतना समझ लो, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 280]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 280]