शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
इश्क़ में, तेरी यादों का ये चमन मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 584]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 584]