शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरी सांसों की महक मेरी हर सुबह ओ शाम में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 886]
गुलाब की तरह महक रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 886]