शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
कसम से, तेरी यादों का ये कारवां मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 825]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 825]