शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी रूह की गहराइयों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 89]
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 89]