शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
खामोशियों के दरमियां, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर मुराद में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 966]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 966]