शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
यूं तो, तेरे हुस्न का ये दीदार मेरी सूनी रातों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।