शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरे कदमों की आहट मेरे सपनों के आंगन में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।