शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
यूं तो, तेरे लबों की ये हंसी मेरी तकदीर के पन्नों पर,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 482]
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 482]