शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
कसम से, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरी हर एक दुआ में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।