शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
याद रखना, तेरी चाहत का नशा मेरी हर एक दुआ में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 346]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 346]