शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बेशक, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर मुराद में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 902]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 902]