शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
तेरे प्यार का असर मेरी खामोश इबादतों में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 467]
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 467]