शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
कसम से, तेरी वफाओं का ये समंदर मेरे ख्यालों की दुनिया में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 203]
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 203]