शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
हां, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरी हर मुराद में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।