शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बेशक, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरे दिल की धड़कनों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।