शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बस इतना समझ लो, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरे दिल की धड़कनों में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 383]
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 383]