शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
यकीन मानो, तेरी खामोशी का पैगाम मेरे दिल के हर कोने में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।