शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बेशक, तेरी हर बात का मिठास मेरी तकदीर के पन्नों पर,
हमेशा के लिए बस गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 402]
हमेशा के लिए बस गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 402]